बुधवार, 6 फ़रवरी 2013

उपदेश और प्रभाव,



गीता में श्रीकृष्ण का
अर्जुन को उपदेश
आत्मा,अजर-अमर है-
प्राणी मरता नही है,
केवल चोला बदलता है,
पुराने चोले को छोड़कर
नये चोले में प्रवेश करता है,
व्याख्यान सुनकर,
वाहन चालको ने 
लापरवाही कर
दुर्घटनाओं की झड़ी लगा दी,
अभियोग लगने पर दलील दी-
हमने कोई जुर्म नही किया!
चोले बदलने की,
प्रक्रिया में मदद ही की....

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया.....

52 टिप्‍पणियां:

  1. अदभुत--बहुत सुंदर
    बहुत बहुत बधाई

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  2. बहुत ही व्यंगात्मक प्रस्तुती,बहुत ही सुन्दर।

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  3. वाह...सुन्दर प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

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  4. अद्भुत , अति उत्तम हर शब्द - शब्द में अंतर मन का समावेश बहुत खूब
    मेरी नई रचना
    खुशबू
    प्रेमविरह

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  5. वाह जी वाह बहुत सुन्दर.
    नीरज'नीर'
    कव्य्सुधा

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  6. वाह क्या बात है। सही है सर जी!

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  7. अधुरा ज्ञान ,भगवान बन
    लिया कई जान !!

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  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ !
    सादर

    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    अर्ज सुनिये

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  9. सादर जन सधारण सुचना आपके सहयोग की जरुरत
    साहित्य के नाम की लड़ाई (क्या आप हमारे साथ हैं )साहित्य के नाम की लड़ाई (क्या आप हमारे साथ हैं )

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  10. क्या बात है व्यंग्य की सभी सीमाओं के पार निकल आये आप .

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  11. बहुत सुद्नर आभार आपने अपने अंतर मन भाव को शब्दों में ढाल दिया
    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    एक शाम तो उधार दो

    आप भी मेरे ब्लाग का अनुसरण करे

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  12. भगवान बुद्ध ने इसीलिये कहा है कि कहने वाला कुछ भी कहना चाह रहा हो, पर सामने वाला समझता अपने हिसाब से ही है. बहुत बेहतरीन व्यंग किया आपने, शुभकामनाएं.

    रामराम.

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  13. very nice ...kudos!!!!

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  14. अत्यंत तिखा व्यंग्य। वाहन वालक सच में यमदूत है। लाफरवाही और बेहया की मर्यादाएं लांघी जाती है। सफल मिथकीय प्रयोग के साथ सार्थक कविता।
    drvtshinde.biogspot.com

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  15. वाह! लाजवाब लिखा आपने | आभार

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
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  16. सर्वोत्त्कृष्ट, अत्युत्तम लेख आभार
    हिन्‍दी तकनीकी क्षेत्र कुछ नया और रोचक पढने और जानने की इच्‍छा है तो इसे एक बार अवश्‍य देखें,
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  17. बहुत बेहतरीन व्यंग किया आपने
    शुभकामनाएं

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  18. लाजवाब !!!

    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
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  19. कब शब्दों में सटीक बात कहने का सुन्दर अंदाज़ |
    सार्थक रचना |

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  20. बहुत खूबसूरत ,लाजवाब

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  21. अजी सृष्टि चक्र में ऐसा ही लिखा होगा आपकी मत मारी जायेगी .या फिर आप पुरानी दुनिया की सफाई में मददगार रहे हैं .ॐ शान्ति .

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  22. सुंदर अभिव्यक्ति....आज के लोग बतंगड़ बनाने में माहिर हैं ही

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  23. बहुत सुन्दर रचना...सीधे दिल को छू लेती है..

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  24. वाह बढ़िया व्यंग ... :) असली उपदेश उन्होंने ही पढ़ा

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  25. वाह बढ़िया व्यंग ... :) असली उपदेश उन्होंने ही पढ़ा

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  26. जबरदस्त व्यंग्य ...विचारणीय ..सब अपने ढंग से ही विवेचना कर जाते हैं
    भ्रमर ५

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